प्रवासी पक्षियों के आने के कारण कॉर्बेट नेशनल पार्क में भी बर्ड फ्लू फैलने का खतरा है। इस पर वन विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विभागीय कर्मी सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पक्षियों की निगरानी कर रहे हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में पक्षियों की 650 से ज्यादा प्रजातियां हैं। पार्क में हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। कॉर्बेट पार्क के भूक्षेत्र में रामगंगा, तुमड़िया, रामनगर के कोसी जलाशय के आसपास साइबेरियन पक्षी जाड़ों में पहुंच जाते हैं। इसके चलते वन विभाग ने कुमाऊं मंडल में अलर्ट जारी कर दिया है।
विभाग ने प्रवासी पक्षियों पर नजर रखने के लिए पशु चिकित्सक के नेतृत्व में टीमें बनाई हैं। यदि कोई प्रवासी पक्षी मरता है तो उसका पोस्टमार्टम करने के बाद रिपोर्ट बरेली भेजी जाएगी। बर्ड वॉचरों को भी प्रवासी पक्षियों के नजदीक नहीं जाने दिया जाएगा। इन कार्यों के लिए वनकर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
भारत सरकार से इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें हिमाचल और अन्य राज्यों में प्रवासी पक्षियों के साथ ही अन्य पक्षियों के मरने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके मद्देनजर पार्क प्रशासन ने भी कर्मियों को अलर्ट किया है।
-राहुल, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व