राज्य सरकार ने देर से ही सही चार धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुध ली है। अब प्रत्येक यात्री का आधार से बायोमीट्रिक पंजीकरण होगा, इसके एवज में यात्री से 20 रुपये शुल्क लेकर दो लाख रुपये के बीमा की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। बायोमीट्रिक पंजीकरण की नई व्यवस्था बुधवार से चार धाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में शुरू होगी।
केदारनाथ त्रासदी के चार साल बाद राज्य सरकार ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कितने तीर्थयात्रियों ने किए इसकी सटीक जानकारी के लिए फोटोमीट्रिक पंजीकरण के साथ बायोमीट्रिक पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
राज्य सरकार ने बायोमीट्रिक पंजीकरण की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी इकाई को सौंपी है। मंगलवार को इकाई की ओर से ई-गर्वनेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड ने चार धाम यात्रा ट्रांजिट कंपाउंड परिसर में स्थित यात्री सुविधा केंद्र में जनसेवा केंद्र (सीएससी) का श्रीगणेश कर बायोमीट्रिक पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ई-गर्वनेस सर्विसेज के जिला प्रबंधक राजेश तिवारी ने बताया कि बुधवार से प्रत्येक यात्री का आधार से बायोमीट्रिक पंजीकरण किया जाएगा। जिनके पास आधार नहीं होगा उनका फिंगर प्रिंट लेकर आधार की छाया प्रति निकाल पंजीकरण किया जाएगा। बताया कि पंजीकरण के लिए प्रत्येक यात्री को 20 रुपये शुल्क देना होगा। यह शुल्क दो लाख के बीमे का प्रीमियम होगा।
पंजीकरण के बिना धाम के दर्शन नहीं
बायोमीट्रिक पंजीकरण के बिना कोई तीर्थयात्री देवस्थान पर पहुंचेगा तो यहां तैनात सीएससी कर्मी को पंजीकरण प्रपत्र दिखाकर फिर से डी-पंजीकरण करवाना होगा। इससे जानकारी होगी कि तीर्थयात्री देवधाम के दर्शन के लिए पहुंचे हैं, रास्ते से वापस नहीं लौटे। ई-गर्वनेस सर्विसेज के जिला प्रबंधक ने बताया कि बिना बायोमीट्रिक पंजीकरण के बिना तीर्थयात्री धाम के दर्शन नहीं कर सकेंगे। यदि बिना पंजीकरण धाम तक पहुंच गए तो उन्हें धाम में ही पंजीकरण कराना होगा।
कितने धाम जाना है, बताना होगा
बायोमीट्रिक पंजीकरण की अनिवार्यता के बाद प्रत्येक तीर्थयात्री और जत्थे को कितने धाम के दर्शन करने हैं, पंजीकरण के दौरान यह भी बताना होगा। इस व्यवस्था से किस धाम में कितने यात्री पहुंचे इसकी सटीक जानकारी रहेगी। यात्री कौन से राज्य के जिले अथवा शहर का है। आयु क्या है यह भी जानकारी मिलेगी।