सर्वे चौक स्थित आईआरडीटीए सभागार में हिमालय के अराधक डा.नित्यानंद की जयंति के अवसर पर उत्तरांचल ?
हिमालय क्षेत्र पर गहन चिंतन और शोध करने वाले डीबीएस पीजी कॉलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष रहे डॉ. नित्यानंद की जयंती समारोह पर आईआरडीटीए सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने डॉ. नित्यानंद को एक चिंतक, शोधार्थी व समाजसेवी बताते हुए उनके बताए सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उनकी जीवनी को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मांग की।
जयंती समारोह मुख्य अतिथि वरिष्ठ प्रचारक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी ने कहा कि डॉ. नित्यानंद बुद्धिजीवी के साथ ही महान चिंतक थे। विशिष्ठ अतिथि कुशल कोठियाल ने कहा कि डॉ. नित्यानंद एक अभिभावक के साथ ही शिक्षक और संघनेता थे। डॉ. नित्यानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने हमेशा उत्तराखंड और हिमालयी राज्यों के लिए विकास के लिए सोचा था। डॉ हर्षवंती बिष्ट ने कहा कि वह सरल स्वभाव के साथ ही एक शिक्षक, समाजसेवी, लोगों की समस्याओं को समझने वाले, शोधार्थी व भूगोलवेत्ता थे। आरएसएस के प्रांत सेवा प्रमुख सुरेश सुयाल ने कहा कि उन्होंने हिमालयी राज्यों में जनशून्यता के प्रति देश को चेताया था।
इस दौरान शिक्षा क्षेत्र में कार्य कर रहे राजेंद्र चौहान, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, चतर सिंह आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. देविदत्त चौनियाल की ओर से दून विवि में बनने जा रहे डॉ. नित्यानंद शोध संस्थान के बारे में जानकारी दी। इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, चारधाम परिषद के उपाध्यक्ष शिवप्रसाद ममर्गाइं, डॉ. कमलेश, डॉ. राजेश तिवारी, सह प्रांत संघचालक राकेश भट्ट, द्र्रोण खन्ना, प्रेम बुडाकोटी, राकेश राणा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
सर्वे चौक स्थित आईआरडीटीए सभागार में हिमालय के अराधक डा.नित्यानंद की जयंति के अवसर पर उत्तरांचल ?