एनसीटीई की ओर से कहा गया है कि 2011 से पूर्व के स्नातक में 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले बीएड धारक भी टीईटी परीक्षा में बैठ सकेंगे। वहीं 2011 के बाद के उन बीएड धारकों के लिए भी राहत है, जिनके यूजी या पीजी में से किसी एक में 50 फीसदी या फिर इससे अधिक अंक हैं। अब यूजी या पीजी में से किसी एक में 50 फीसदी या इससे अधिक अंक वाले अभ्यर्थी भी शिक्षक पात्रता परीक्षा में बैठ सकेंगे।
एनसीटीई के इस नोटिफिकेशन के बाद उत्तराखंड टीईटी के नियम में खुद ही बदलाव हो जाएगा। उत्तराखंड टीईटी में इस तरह का प्रावधान किया गया है कि एनसीटीई की ओर से समय-समय पर जो भी संशोधन किया जाएगा, उसी के अनुरूप उत्तराखंड टीईटी के नियमों में खुद ही बदलाव हो जाएगा।- वीरेंद्र सिंह रावत, अपर शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा