01-इस श्रेणी में ऐसे मृतक खाताधारकों को रखा गया है, जिन्होंने मूलधन जमा कर दिया है, लेकिन उनके नाम पर बैंक का ब्याज मौजूद है। ऐसे मामलों में ब्याज की राशि को पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा। इसमें ये भी व्यवस्था दी गई है कि जहां मूलधन जमा नहीं किया गया है, वहां मृतक खाताधारकों के परिजनों को यह सहूलियत दी जाएगी कि वह कई किस्तों में मूलधन वापस कर दें।
02-इसके अंतर्गत सामान्य खाताधारकों को रखा गया है, जिन्होंने मूलधन के बराबर ब्याज जमा कर दिया हो। सरकार ने महसूस किया है कि कई बार कर्जाधारी पर मूलधन की तुलना में चार पांच गुना ज्यादा ब्याज चढ़ जाता है, जबकि वह मूलधन की राशि को बहुत पहले जमा कर चुका होता है। ऐसे में अब उनके लिए व्यवस्था दी गई है कि उनसे सिर्फ मूलधन ही वसूल किया जाएगा।
03-इसके अंतर्गत सरकार ने उन खातों को लिया है, जिन्हें बैंकिंग भाषा में संदिग्ध ऋण खाता कहा जाता है। मसलन, किसी ने जमीन के कागजात सहकारी और एक अन्य बैंक में रखकर अलग-अलग ऋण लिया हो। ऐसे मामलों में सरकार ने व्यवस्था दी है कि संदिग्ध के तहत वर्गीकृत खाताधारक को मूलधन के साथ केवल 30 प्रतिशत ब्याज ही जमा करना होगा। उसका बाकी ब्याज माफ रहेगा।