डीजीसीए के मानकों के अनुसार केदारघाटी में किसी भी समय छह से ज्यादा हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सकते हैं, लेकिन यूकाडा हेली सेवा के लिए नौ कंपनियों को अनुमति देने जा रही है।
मतलब यह कि हेलीकाप्टरों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को लाने व ले जाने की क्षमता में बढ़ोत्तरी नहीं होगी। वहीं, अनुभवहीन कंपनियां यदि ठीक से सेवा को संचालित नहीं कर पाती हैं तो यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा की निविदा 15 मार्च को खोली जाएगी। टेंडर शर्तों में बदलाव करने के पीछे यही मकसद था कि हेलीकाप्टर सेवा में कुछ कंपनियों का वर्चस्व समाप्त हो। बाहरी कंपनियों को भी मौका मिलने से किराये में कमी होगी। सुरक्षा मानक यूकाडा तय नहीं करता है। डीजीसीए के मानकों के अनुसार निविदा की शर्तें रखी गई हैं, उसी के अनुसार केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा का संचालन होगा। चार निजी हेलीपैड को मंजूरी देने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
- दिलीप जावलकर, सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग