मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नोटबंदी के साइट इफेक्ट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड बड़े नुकसान की ओर है। सरकार ने नुकसान का जो आकलन किया था, ये उससे बहुत अधिक होने वाला है। उन्हें पांच-सात दिन में समस्या समाप्त हो जाने की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है।
सीएम ने केंद्र सरकार पर तंज किया कि दो हजार का नोट ऐसा कौन सा विमान है, जो देश को ऊपर ले जाएगा? उन्होंने कहा कि दो हजार के नोट ने उपभोक्ताओं को पंगु बना दिया है। भाजपा की परिवर्तन यात्रा में आ रहे केंद्रीय मंत्रियों पर उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास नया कुछ नहीं है, वे पुराना माल बेच रहे हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को राज्य अतिथिगृह बीजापुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उपभोक्ता राज्य है। नोटबंदी का नुकसान राज्य को झेलना पड़ रहा है। मार्केट सेल पर इसका असर नजर आ रहा है। टैक्स पर भी असर पड़ेगा। गिरावट मार्केट सेल पर आधारित होगी तो नुकसान बड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि अंतिम सीजन में एक-दो लाख श्रद्धालु और आ सकते थे। जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार आता। सब्जियों के दाम क्रेश होने से किसानों की आय पर 40 से 42 प्रतिशत फर्क पड़ा है। उनकी इकॉनोमी खराब हो गई है। यदि कोई इस बात पर अपनी चिंता व्यक्त करता है तो कुछ लोग इसे देशद्रोह बता देते हैं।
केंद्रीय मंत्री पुराना माल बेच रहे
सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पुराने माल को बेचने में लगे हैं। गैरसैण में रेल मंत्री द्वारा कोई नई घोषणा नहीं की गई। कम से कम एक गेस्ट हाउस की ही घोषणा कर जाते। उन्होंने जो भी दिया वो सब पहले का था। कहा कि उमा भारती ने अभी तक 700 करोड़ रुपये नहीं दिए। नड्डा साहब की तरफ से 132 करोड़ रुपये पेंडिंग हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने 50 करोड़ रुपये राज्य का नहीं दिया। थावर चंद गहलोत राज्य को एससीए एसटी ओबीसी की छात्रवृत्ति नहीं दे रहे।