मरीजों से निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां मंगाई जा रही है। साथ ही जांच भी निजी पैथोलॉजी सेंटरों से कराई जा रही हैं। इतना ही नहीं जिला चिकित्सालय में मरीजों से ऑपरेशन के पैसे लिए जा रहे हैं। जिसकी मरीजों को कोई रसीद नहीं दी जाती है।
उप स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पूरी जानकारी नहीं है। आडिट रिपोर्ट पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी डॉ.डीपी जोशी ने जिला, महिला चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।