साइकिल और बच्चों के बीच बढ़ती दूरी को मिटाने के लिए साइकिल फेडरेशन आफ इंडिया ने काबिल-ए-तारीफ पहल की है। जो बच्चा बाइक छोड़ स्कूल जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करेगा उसे शाबाशी के रूप में फेडरेशन की ओर से पुरस्कार मिलेगा।
साइकिल को बढ़ावा देने के मकसद से फेडरेशन दून में साइकिल क्लबों को भी मान्यता देगा। इन क्लबों के लिए हर साल एक बड़ा रेस इवेंट होगा।
पहली बार हुई बाइकिंग रेस
अमर उजाला से बातचीत में साइकिल फेडरेशन आफ इंडिया के महासचिव ओंकार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के लिए यह गर्व की बात है कि देश की पहली माउंटेन बाइकिंग रेस दून में आयोजित हो रही है।
उन्होंने बताया साइकिल फेडरेशन आफ इंडिया मुख्य रूप से ओलंपिक के तीन स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को चुनता है। इसमें ट्रैक साइकिलिंग, माउंटेन बाइकिंग और रोड साइकिलिंग शामिल हैं
दून का मौसम बेहतर
उन्होंने बताया कि साइकिल क्लबों के लिए होने वाले इवेंट को इंटनेशनल फेडरेशन के वार्षिक कलेंडर में भी मान्यता दी जाएगी। ताकि दून में इंटरनेशनल खिलाड़ी आएं। दून का मौसम साइकिलिंग के लिए सबसे बेहतर है। वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग साइकिल को अपनी सवारी बनाएं। इसलिए फेडरेशन बच्चों के लिए इनामी योजना लेकर आया है। इसके लिए छात्रों को फेडरेशन की साइट पर रजिस्टर्ड होना होगा। उसके बाद उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी।