उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन ने न्यूनतम वेतन सहित सात सूत्री मांगों को लेकर विधान सभा का घेराव किया। भोजन माताओं का कहना था कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीटू से जुड़ी भोजन माता कामगार यूनियन ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा परेड ग्राउंड से विधानसभा कूच किया। भोजन माताओं ने कहा कि स्कूलों में छात्र संख्या घटते ही उन्हें स्कूलों से निकाला जा रहा है।
अब तक कई भोजन माताओं को हटाया जा चुका है, जिन्हें बहाल किया जाए। प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट व जिला सचिव मोनिका ने कहा कि भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा दी जाए, दुर्घटना और बीमार होने पर उनको मुफ्त इलाज की व्यवस्था हो।
अन्य प्रमुख मांगे:
बोनस और मानदेय का समय पर भुगतान हो
मई माह का मानदेय सभी भोजन माताओं को दिया जाए
उन्हें वर्क मैन की परिभाषा में लाया जाए
भोजन माताओं को स्थाई नियुक्ति दी जाए