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चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ की रिहाई को भीम आर्मी करेगी दिल्ली कूच  

Sun, 22 Jul 2018 09:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भगवानपुर
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bheem army
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भीम आर्मी एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से रिहा करवाने के लिए संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। एकता मिशन के तीसरे स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन में चंद्रशेखर की रिहाई के लिए दलित समाज को एकजुटता का संदेश दिया गया।

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प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने कहा कि भीम आर्मी के संस्थापक को जेल से छुड़ाने के लिए शुरू होने वाले आंदोलन में आवश्यकता पड़ी तो दिल्ली तक कूच किया जाएगा। चंद्रशेखर की मां कमलेश देवी ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए तीनों बेटों को समर्पित कर दिया है। सम्मेलन में तीन विधानसभाओं के 40 गावों के लोग पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस प्रशासन एवं खुफिया विभाग ने सतर्कता बरतते हुए भारी फोर्स का इंतजाम किया था।
 
भगवानपुर के छंगा माजरी गांव के मैदान पर भीम आर्मी के तीसरे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मेलन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। कार्यक्रम तीन घंटे चला। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने कहा कि भारत में दलित समाज की 70 प्रतिशत आबादी है। फिर भी सरकार सम्मान नहीं करती है और दलित समाज पिछड़ रहा है। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सहारनपुर क्षेत्र में हुए शब्बीपुर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि समाज को एकजुट होने की जरूरत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने कहा कि जब तक समाज एकजुट नहीं होगा तब तक समाज का विकास नहीं हो सकता।
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जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने भी समाज की एकजुटता पर जोर दिया। इस दौरान भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की मां कमलेश देवी ने भावुक भाषण देते हुए कहा कि उसका एक बेटा जेल में हैं, जिसे उसने समाज को समर्पित कर दिया है। वहीं दो अन्य बेटों को भी समाज की सेवा में लगा दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को निडर होकर एक दूसरे के सहयोग के लिए काम करना होगा। कार्यक्रम में भगवानपुर, ज्वालापुर और झबरेड़ा विधानसभा के करीब 40 गांवों के लोग पहुंचे थे। इस दौरान घाड़ क्षेत्र के लोग ज्यादा संख्या में पहुंचे थे। जिनमें काफी मात्रा में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस फोर्स की व्यवस्था ा की गई थी। इस मौके पर अमरीश कुमार, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, रवि कुमार, निशाद, राहुल, परमगीर, अरुण, सरोज प्रवीण, प्रभु सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम सकुशल संपन्न होने पर पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।  

...तो आरएसएस जैसा संगठन खड़ा करना चाहती है भीम आर्मी    

चंद्रशेखर रावण - फोटो : SELF
भीम आर्मी आरएसएस की तर्ज पर संगठन खड़ा करना चाहती है। सम्मेलन में भी वक्ताओं ने कुछ इस तरह के संकेत दिए हैं। विगत दो अप्रैल को रुड़की में भारत बंद के आह्वान पर हुई हिंसा में तकरीबन 20 बरस के युवाओं की भारी फौज जुटी थी। स्थापना दिवस पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भीम आर्मी के नेता प्रेम सिंह ने अपने संबोधन में पहले शिक्षा की जरूरत पर बल दिया।

साथ ही शिक्षा को मिशन बनाने की बात कही। इस दौरान भीम आर्मी की अगुवाई कर रहे नेताओं से देश में इस संगठन को आरएसएस की तर्ज पर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश भर में आरएसएस समाज के लोगों को ट्रेनिंग देता है। उसी तरह भीम आर्मी को भी जगह-जगह स्कूल खोलने होंगे और उनमें युवाओं केे ट्रेनिंग देनी होगी। 

कांशीराम, बाबा साहेब और महात्मा बुद्ध को किया याद              
भीम आर्मी के सम्मेलन में वक्ताओं ने गैर राजनीतिक संगठन के रूप में खुद को खड़ा करने का संकेत देते हुए बसपा पार्टी और सुप्रीमो मायावती का कोई जिक्र नहीं किया। इससे माना जा रहा है कि भीम आर्मी बसपा की लीक से हटकर बड़ा संगठन खड़ा करने की चाह रखती है। प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने महात्मा बुद्ध के धर्म को अच्छा बताते हुए लोगों से इसे ग्रहण करने की भी अपील की गई।
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थाने में पुलिस तो मौके पर तैनात थी भीम आर्मी        

रावण - फोटो : self
भीम आर्मी के कार्यक्रम के दौरान देखने वाली बात यह रही कि यहां कार्यकर्ता ही फौज की तरह अनुशासन बनाने को जगह-जगह तैनात थे। दोपहर करीब बारह बजे से शुरू हुए कार्यक्रम से पहले ही मंच समेत सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर ली गई थी। उधर, सीओ समेत पूरी फोर्स थाने में ही तैनात रही। पुलिस का कोई व्यक्ति कार्यक्रम स्थल और इसके आसपास नजर नहीं आ रहा था। सीओ परीक्षित कुमार तीन बटालियन फोर्स के साथ शाम तक भगवानपुर थाने में मौजूद रहे।  

हर घर में पैदा हो रावण 
चंद्रशेखर उर्फ रावण की मां कमलेश देवी ने कहा कि दलित समाज के लोगों को एकजुट होकर काम करना होगा। कहा कि हर घर में रावण पैदा होना चाहिए तभी समाज की सूरत बदलेगी। इस दौरान पदाधिकारियों ने लोगों की मांग पर अगला सम्मेलन बिजनौर में किए जाने को लेकर विचार किया। जल्द ही इसकी घोषणा किए जाने की बात कही गई।  

प्रशासन ने नहीं थी अनुमति, अनुमान से कम आई भीड़ 
भगवानपुर में आयोजित कार्यक्रम की प्रशासन से अनुमति प्राप्त नहीं थी। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अनुमति जारी नहीं की गई थी। संख्या बल और विचारगोष्ठी के लिहाज से सभी कुछ शांतिपूर्ण रहा है। वहीं दूसरी ओर, कार्यक्रम में अनुमान के मुताबिक कम भीड़ जुटी। कार्यक्रम में लक्सर क्षेत्र के लोग ज्यादा नहीं थे। माना जा रहा है कि अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रमों के चलते भी कम भीड़ रही।
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