सहारनपुर जिले में भड़क रही जातीय हिंसा के बीच चर्चा में आई भीम आर्मी की उत्तराखंड के इस शहर में भी गहरी पैठ है।
करीब डेढ़ वर्ष से इस संगठन ने हरिद्वार में व्यापक आधार खड़ा किया है। सोशल साइट्स पर भीम आर्मी के नाम से पेज बनाकर मेंबर बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा को लेकर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की तलाश में जुटी पुलिस अब स्थानीय पदाधिकारियों की कुंडली भी खंगालने में जुट गई है।
भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की तलाश
Saharanpur Violence
कई दिनों से सहारनपुर जातीय हिंसा से झुलसा हुआ है। सहारनपुर पुलिस इस प्रकरण की सूत्रधार भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की तलाश में कई जिलों में छापे मार रही है। सहारनपुर पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद पर रासुका भी लगा दी है।
चंद्रशेखर के हरिद्वार जिले में छिपे होने की सूचना पर सहारनपुर पुलिस अपने स्तर से यहां भी निगरानी कर रही है। खुफिया तंत्र और चंद्रशेखर के प्रतिद्वंद्वी संगठनों की मदद से उसकी खोज में की जा रही है। इस बीच जिले में भीम आर्मी के संगठनात्मक मजबूती पर भी नजर रखी जा रही है।
पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि हरिद्वार जिला इकाई से लेकर निचले स्तर तक भीम आर्मी का संगठन तेजी से फैलाया जा रहा है।
सोशल साइटस पर भीम आर्मी काफी सक्रिय
सहारनपुर में भड़की हिंसा की पूरी कहानी
- फोटो : SELF
सोशल साइटस पर हरिद्वार जिले में भी भीम आर्मी काफी सक्रिय है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि संगठन पर भी नजर रखी जा रही है। सहारनपुर पुलिस से भी लगातार संपर्क बना हुआ है।
दूसरी ओर डा. अंबेडकर समग्र विकास समिति जगजीतपुर ने सहारनपुर कांड को लेकर प्रशासन के रवैये की निंदा की है। समिति के प्रांतीय अध्यक्ष हरपाल मौर्य ने बैठक में कहा कि चंद्रशेखर आजाद पर रासुका लगाना अनुचित है।
कहा कि भीमआर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर पर रासुका हटाई जानी चाहिए और सहारनपुर कांड की जांच नए सिरे से कराई जानी चाहिए। बैठक में जयसिंह, अजय नौटियाल, राजदीप, हिमांशु, श्याम लाल नौटियाल, रणजीत सिंह, राजपाल समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।