वहीं पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल ने बीते बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार के पास पेड़ों के कटान की वैधानिक अनुमति नहीं है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, जो न्यायालय के आदेशों की अवमानना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में न केवल आम जनता बल्कि न्यायालय को भी गुमराह कर रही है।
दूसरे पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। राज्य सरकार के माध्यम से होने वाले संवाद में मजबूत पक्ष रखा जाएगा।
-सौरभ कुमार, डीजीएम, एनएचएआई।