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भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय समाज के साहस स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक : राज्यपाल

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-राजभवन में जनजातीय गौरव दिवस एवं झारखंड राज्य स्थापना दिवस का हुआ आयोजन

-राज्यपाल ने भगवान बिरसा मुंडा के अद्वितीय संघर्ष और साहस का स्मरण किया

अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। राजभवन में जनजातीय गौरव दिवस एवं झारखंड राज्य स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के राष्ट्र के लिए असाधारण योगदान एवं उनके अदम्य साहस को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में एकलव्य बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने जौनसारी संस्कृति पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने जनजाति कल्याण विभाग की ओर से तैयार की गई पुस्तक आदि कर्मयोगी अभियान का विमोचन किया। भगवान बिरसा मुंडा के अद्वितीय संघर्ष और साहस को स्मरण करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे देश के जनजातीय समाज के साहस, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक जनजातीय समुदायों का योगदान अद्वितीय और अमूल्य रहा है।
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राज्यपाल ने जनजातीय समुदायों के उत्थान, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि उनका ज्ञान, साहस और जीवन-दर्शन भारत की समृद्धि और एकता की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने झारखंड को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह झारखंड के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए एक भारत, श्रेष्ठ भारत अभियान ने देश की सांस्कृतिक विविधता को नई शक्ति प्रदान की है।
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