उनकी नाराजगी को भांपने की कोशिश मेें अमर उजाला संवाददाता ने शुक्रवार को उनसे मजाकिया लहजे में सवाल किया कि इधर कुछ महीनों से उत्तराखंड में दो-चार रिक्टर स्केल वाले भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं, क्या ये आपकी नाराजगी का असर है ? इस पर वे बोले, गुस्सा किस पर हूं ? मुझे गुस्सा ही नहीं आता, फिर भूकंप की क्या बात ? उन्होंने जिस लहजे से यह बात कही, वह ऐसा आभास दे गया, मानो कह रहे हों कि बड़े भूकंप में तीव्रता की चर्चा हमेशा तबाही के बाद ही होती है।