नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हारने के बाद उत्तराखंड की आरती गोस्वामी अपनी सहेली से लिपटकर रोती
- फोटो : amar ujala
प्रदेश की महिला बॉक्सर बेहतर डाइट न मिलने के चलते मात खा रही हैं। पढ़िए क्या बोले इस नेशनल खिलाड़ी के कोच...
प्रदेश की महिला बॉक्सर बेहतर डाइट न मिलने के चलते मात खा रही हैं। इसके लिए खिलाड़ी का स्टेमिना बेहतर होने के साथ ही उसे शारीरिक रूप से मजबूत भी होना चाहिए। इसमें डाइट का बेहद अहम रोल होता है।
हरियाणा और पंजाब के खिलाड़ी डाइट में दूध को ज्यादा शामिल करते हैं। हमारे खिलाड़ियों को उतना दूध नहीं मिल पाता। साथ ही अन्य डाइट का भी ध्यान नहीं रखा जाता। नेशनल स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अमन सहरावत के कोच नवीन हुड्डा ने बताया कि बॉक्सरों के लिए फिटनेस बेहद अहम है। उन्हें जितना मजबूत होना चाहिए, उतना ही लचीला भी।
उन्होंने बताया कि ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र कुमार और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मनोज कुमार के साथ भी उन्हें काम करने का मौका मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी दो लीटर दूध नाश्ते में पीते हैं। वहीं सोयाबीन, केला, चना, फल भी उनकी डाइट में शामिल होता है। रात को खिलाड़ी हल्के भोजन के साथ डेढ़ से दो लीटर दूध पीते हैं। वहीं जिला खेल समन्वयक रविंद्र सिंह रावत ने बताया कि बॉक्सिंग काफी दमखम वाला खेल है।