देहरादून में रहने वाली पायल गुप्ता का चयन बीटेक करने के बाद इंडियन नेवी में सब लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। पायल इन दिनों केरल में इंडियन नेवी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।
एक नई उम्मीद
पायल के चयन ने पुरुष प्रधान माने जाने वाले कॅरियर में बेटियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। हरिद्वार रोड निवासी गुप्ता परिवार के लिए दिसंबर का अंतिम सप्ताह यादगार पल लेकर आया। परचून की दुकान चलाने वाले विनोद गुप्ता की बेटी पायल गुप्ता ने इंडियन नेवी में जगह बनाई।
बेटी की इस कामयाबी पर वे गदगद हैं। उन्होंने कहा कि वाकई बेटी हो तो ऐसी। पायल की मां नीलम गुप्ता हाउस वाइफ हैं जबकि बड़ा भाई विशाल गुप्ता सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है।
विशाल ने बताया कि पायल ने 12वीं तक की शिक्षा कारमन स्कूल डालनवाला से प्राप्त करने के बाद कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद करीब डेढ़ साल गुडगांव में एक कंपनी में नौकरी करते हुए सीडीएस की तैयारी की।
आईएफएस बेटी पर नाज
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आईएफएस (भारतीय वन सेवा) में नीलिमा शाह का चयन हुआ है। उन्हें कुल 85 नवोदित आईएफएस की जमात में उन्हें 82वां स्थान मिला।
खास बात यह है कि उन्हें यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल हुई है। नीलिमा इन दिनों आईएफएस की ट्रेनिंग ले रही है। मोहकमपुर स्थित राजेश्वरी पुरम निवासी नीलिमा की 12वीं तक की शिक्षा मार्शल स्कूल से पूरी होने के बाद उन्होंने एमएससी बॉटनी डीएवी पीजी कॉलेज से की है।
नीलिमा के पिता मुरारी लाल शाह कस्टम एंड एक्साइज विभाग में कार्यरत हैं जबकि मां गीता शाह नकरौंदा स्थित जूनियर हाई स्कूल में शिक्षिका हैं।
भारतीय सेना में मिलेगी लेफ्टिनेंट की पदवी
एक और देहरादून की बेटी कनिका कुकरेती जल्द ही भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर ज्वाइन करेगी। इन दिनों वह ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। इस वर्ष उनकी पासिंग आउट परेड होगी।
कनिका ने कंबाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा (सीडीएस) से एंट्री पाई थी। गत वर्ष कनिका का चयन सीडीएस से ओटीए चेन्नई के लिए हुआ था। कनिका के प्रशिक्षक जीएस रावत ने बताया कि वह शुरू से ही भारतीय सेना के प्रति काफी उत्साहित थी।
एक बेटी इंजीनियर तो दूसरी सितार वादक
लड़की को बोझ समझने वालों को पौड़ी के चिटकारिया दंपति और उनकी बेटियां आईना दिखा रही हैं। इस दंपति की एक बेटी आज अपने पैरों पर खड़ी है, तो दूसरी सितार वादन वन स्थली विद्यापीठ में अपनी चमक बिखेर रही है।
चमक बिखेर रही
धारा रोड में जनरल स्टोर की दुकान चला रहे ललित चिटकारिया की दो बेटियां हैं। उनकी बड़ी बेटी नेहा ने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग का डिप्लोमा किया।
नागपुर में सर्विस ज्वाइन कर ली थी। लेकिन बाद में घर दूर होने पर माता-पिता को अकेले होता देख नौकरी छोड़कर नजदीक ऋषिकेश में आ गई। वर्तमान में ऋषिकेश के एक स्कूल कंप्यूटर पढ़ा रही हैं।
28 वर्षीय नेहा की शादी अब देहरादून के वैडिंग प्लानर एवं व्यवसायी गौरव माणिक से हो चुकी है। इसके बावजूद वह अपने माता-पिता का पूरा ध्यान रखती है।
सितार वादन में विशारद की उपाधि
छोटी बेटी निधि चिटकारिया ने पहले सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर पौड़ी से शिक्षा ग्रहण करने बाद सितार वादन चमक बिखेरनी शुरू की। भातखंडे संगीत महाविद्यालय पौड़ी से सितार वादन में विशारद की उपाधि ग्रहण कर संगीत की पढ़ाई के लिए राजस्थान में वन स्थली विद्यापीठ चली गई।
वर्तमान में वहां से सितार वादन में पीएचडी कर रही हैं। परास्नातक में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2007 में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। जयपुर में दर्शक संस्था की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में दो बार पदक जीत चुकी हैं।