राइंका और राप्रावि के बच्चों में भगदड़ मच गई। कुछ बच्चे विद्यालय के नजदीक अपने घर भाग गए। चीखते बच्चों को देखकर राहगीरों ने कूड़े में आग लगाकर धुआं किया और बच्चों को विद्यालय के कक्षों में बैठाया। इस दौरान मुधमक्खियों ने शिक्षिका बीना, गीता और कौसर जबी सहित करीब 55 बच्चों को काट खाया।
सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने सहायक शिक्षिका कौसर जबी से साथ अधिक खराब होने पर कक्षा एक के छात्र अरमान (6), कक्षा पांच के इस्माइल (9), कक्षा 4 के मेहराज (9), कक्षा 4 की सुहानी (9), कक्षा एक के वसीम (6), कक्षा 2 की सानिया (6), कक्षा 2 के मोहम्मद अनस (6), कक्षा 5 की इरम (10), कक्षा एक की रूबी (5), कक्षा पांच के फैजान (10) और कक्षा पांच के अनस (9) को सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
वहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। प्रधानाध्यापक महिपाल सिंह ने बताया कि बच्चों को मधुमक्खी के काटने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है, जिसकी उच्चाधिकारी को सूचना दे दी गई है। अभिभावकों ने बताया कि मधुमक्खियों ने राइंका के भी कुछ छात्र-छात्राओं को काटा है।
स्कूल में बच्चों पर मधुमक्खियों के हमले करने की सूचना पर ग्राम प्रधान मोहम्मद जावेद ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्यालय पहुंचे। उन्होंने मधुमक्खियों के हमले से घायल इधर-उधर भागते बच्चों को देखकर विद्यालय में धुआं कराया। साथ ही कुछ बच्चों को अपने चाचा के क्लीनिक में ले जाकर मधुमक्खियों से बचाया। गांव वाले शीघ्र ही विद्यालय नहीं पहुंचते तो मधुमक्खियां बच्चों को भारी नुकसान पहुंचा सकती थीं।
विद्यालय में मधुमक्खियों के काटने के कारण रद्द हुई अंग्रेजी की परीक्षा आखिरी में कराई जाएगी। इसकी सूचना विद्यालय के माध्यम से दे दी जाएगी। - आशाराम, उप शिक्षाधिकारी, जसपुर