परिजन ने पुलिस को वह मोबाइल फोन नंबर उपलब्ध करा दिया था। पुलिस ने जब उस नंबर की लोकेशन निकाली तब वह रुद्रपुर जिला उधमसिंह नगर का निकलकर आया। एसआई सत्येंद्र नेगी की अगुवाई में रवाना हुई टीम ने रुद्रपुर से दोनों नाबालिगों को बरामद कर लिया।
एसएसआई संजीव थपलियाल ने बताया कि सातवीं कक्षा की छात्राएं अपनी एक सहेली के घर रह रही थी। सहेली के घर के पास ही एक किशोरी की नानी का घर भी है। वहां आने जाने के दौरान ही उसकी एक सहेली बन गई थी।
बातचीत में छात्राओं ने बताया कि परिजन उन्हें अक्सर डांटते थे और वह डाक्टर-एक्टर बनना चाहती थीं। इसलिए नौकरी करके अपनी ख्वाहिश पूरी करने के मकसद से गई थी। बताया कि नाबालिगों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने जब एक छात्रा की डायरी देखी तो वह शायरी से भरी हुई थी।