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अन्ना की 'वजह' से लोकायुक्त का किया समर्थन

Sat, 26 Oct 2013 12:58 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत का कहना है कि लोकायुक्त विधेयक को उत्तराखंड में राजनीतिक दबाव में आकर पास किया गया था। उनका कहना था कि भाजपा जिस समय यह कानून लेकर आई थी उस समय अन्ना का आंदोलन चरम पर था।
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शुक्रवार को देहरादून में रावत ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो कहा संयत रहकर ही कहा। प्रदेश सरकार को भी अधिकार है कि वह पसंद न आने पर विधेयक में संशोधन कर सकती है। कार्यकर्ताओं से मिलने रावत शुक्रवार को तय समय से करीब एक घंटा देर से पहुंचे।

सरकार को घेरा
करीब ढाई घंटे तक उन्होंने माजरा स्थित संसदीय क्षेत्र कार्यालय में कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया। मीडिया से मुखातिब रावत लोकायुक्त मामले में सरकार को बख्श देने के मूड में नजर आए। कुछ दिन पहले ही विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस मामले में सरकार को घेर लिया था।
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कुंजवाल का कहना था कि प्रस्ताव सदन ने पारित किया था। लिहाजा सदन से बाहर इस अधिनियम में बदलाव सदन की अवमानना होगी।

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लोकायुक्त कानून भाजपा केकार्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की ओर से लाया गया था। रावत ने कुंजवाल के बयान को भी सही ठहराया और कहा कि कुंजवाल ने जो भी वह विधानसभा अध्यक्ष होने के नाते उनका दायित्व था।

सरकार करे उचित संशोधन
रावत ने कहा कि यह कानून भाजपा जिस समय लेकर आई थी, उस समय अन्ना का आदोलन चरम पर था।

इसके तुरंत बाद चुनाव थे और कांग्रेस को चुनाव में उतरना था। लिहाजा कांग्रेस ने उस समय इस कानून का समर्थन किया। पर अब यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में है कि उचित संशोधन करे।
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