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भालुओं की नींद में पड़ रहा खलल, सर्दियों में शीत निद्रा छोड़ आबादी में घूमते आ रहे नजर 

Wed, 05 Feb 2020 12:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के भालुओं की नींद में खलल पड़ रहा है। सर्दियों में शीत निद्रा में रहने वाले भालू अब सर्दियों में भी लोगों को दिख रहे हैं। भालुओं के हमले की कुछ घटनाएं भी इस दौरान सामने आई हैं। इससे वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।

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हिमालय में रहले वाले काले भालू सर्दियों में लंबे समय तक नींद में रहते हैं। यह एक तरह से अपनी ऊर्जा को बचाने के लिए ऐसा करते हैं। यही वजह है कि सर्दियों में लोग भालुओं की परवाह नहीं करते रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब स्थिति बदली है।

बद्रीनाथ, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग में सर्दियों में भालुओं के हमले के मामले सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि ये भालू इकठ्ठे भी दिख रहे हैं और इनका व्यवहार भी आक्रामक है।

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अधिकारियों के मुताबिक मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों में इसकी वजह से इजाफा हो रहा है। एक जनवरी 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 के बीच भालुओं के हमले में 76 लोग घायल हुए और चार लोगों की मौत हुई। इनमें से अधिकतर मामले में पर्वतीय क्षेत्रों के हैं। 

सर्दियों में भालू हाईबरनेशन (शीत निद्रा) में रहते हैं। अब तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। लोगाें ने कई जगह भालुओं को झुंड के रूप में देखा है। माना जा रहा कि सड़क आदि बनने से भालुओं का आवास क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इससे भालू आक्रमक हो रहे हैं। यह साफ है कि मामले की पड़ताल जरूरी है। 
-राजीव भर्तरी, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक
 
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भालुओं के हमले से मौत 

नंदा देवी वन प्रभाग -1
केदारनाथ वन प्रभाग -1
नैनीताल वन प्रभाग -1
बद्रीनाथ वन प्रभाग - 1

हमले में घायल 
रामनगर कार्बेट पार्क- 1
राजाजी टाइगर रिजर्व-1
नंदा देवी -3
केदारनाथ -8
गोविंद वन्यजीव विहार-3
नैनीताल -1
अल्मोड़ा -3
बागेश्वर-1
पिथौरागढ़ -3
हल्द्वानी -1
तराई-4
बड़ेकोट-2
टौंस-2
लैंसडौन-3
हरिद्वार-1
नरेंद्रनगर-1
टिहरी-6
उत्तरकाशी-2
बद्रीनाथ -13
गढ़वाल -7
रुद्रप्रयाग -11
(1 जनवरी 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक )
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