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गुस्साए भालू ने महिला पर किया हमला, नोंच डाली आंख

Tue, 11 Aug 2015 01:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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मानव-भालू संघर्ष के मामलों में इजाफा होता जा रहा है। उत्तराखंड में पौड़ी जिले के चौथरा खाल में भालू ने गाय चराने जा रही महिला पर हमला कर दिया।
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महिला का मुंह नोंच दिया। इससे उसकी एक आंख खराब हो गई। सिर पर तेजी से वार किया जिससे गहरा जख्म हो गया है। घायल महिला दून अस्पताल में भरती है। उसका दो बार सीटी स्कैन हो चुका है।

प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड एसके चंदोला का कहना है कि रिहायशी इलाके के आसपास अगर भालू और कोई दूसरा जानवर दिखे तो लोग फौरन क्षेत्र के वनाधिकारी को सूचित करें।
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लोगों ने बताया कि चौथरा खाल की रहने वाली उर्मिला देवी (40) शनिवार सुबह गाय लेकर चराने के लिए जा रही थी, दूसरी तरफ से भालू आ रहा था। उसकी नजर जैसे ही उर्मिला पर पड़ी, वह आग-बबूला हो गया और दो पैरों पर खडे़ होकर पंजों से मुंह पर हमला कर दिया।

उर्मिला चीखी तो दूसरे लोग दौड़ पड़े, भालू गुर्राता हुआ जंगल में भाग गया। लोगों का कहना है भालुओं के हमले बराबर बढ़ रहे हैं। अब बिना छेड़े ही भालू हमला कर दे रहा है। मानव-भालू संघर्ष की घटनाएं बढ़ने के बाद भी वन विभाग अभी तक कोई ऐसी व्यवस्था नहीं कर पाया है कि लोगों को भालुओं के प्रकोप से बचाया जा सके।

वनाधिकारियों का कहना है कि अगर सूचना मिल जाती है तो जानवर को भगा दिया जाता है या काबू में कर लिया जाता है। उनका कहना है कि वन्य प्राणियों के रहने के स्थान प्रभावित होने से ऐसी स्थिति बन रही है।
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भालू, गुलदार दिखे तो भेजें मैसेज

भालू, गुलदार, बाघ और दूसरे जंगली जानवरों के हमले से बचाव के लिए वन विभाग ने वन मित्र सेवा के तहत एसएमएस की व्यवस्था की है। वन मित्र सेवा के फोन नंबर पर एसएमएस, वाइस मैसेज और फोटो के माध्यम से वन विभाग को सूचना दी जा सकती है।

इस नंबर पर मैसेज भेजते ही संबंधित जिले के विभागीय अधिकारियों को मैसेज चला जाएगा। इसके साथ ही यह मैसेज वन विभाग के आला कमान अधिकारियों के पास भी पहुंच जाएगा। जंगली जानवरों के संबंध में सूचना देने के लिए लोग 9208008000 डायल कर सकते हैं।

नंबर मिलते ही मशीन अलग-अलग जिलों और स्थानों के नंबर बताएगी। उसी नंबर के लिहाज से सूचना दर्ज कराएं। लोग इस पर बोल कर अपना मैसेज दर्ज करा सकते हैं। इसमें उनका अपना स्थान बताना पड़ेगा।

प्रमुख वन संरक्षक एसके चंदोला ने बताया कि मैसेज दर्ज होते ही सूचना संबंधित डीएफओ, रेंजर, एसडीओ के पास पहुंच जाएगी। सूचना पर हुई कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी मिल जाएगी।
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