हालांकि विकेट, आउटफील्ड, सुपर सोपर, रोलर, ग्रास कटर, कवर्स समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मसलों पर उन्होंने सुधार की नसीहत भी दी है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई इन मैदानों में उत्तराखंड को आयोजन की मेजबानी दे सकती है।
पिच क्यूरेटरों को दिया प्रशिक्षण
बीसीसीआई की ओर से प्रदेश के पिच क्यूरेटरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कार्यशाला में ईस्ट जोन के हेड क्यूरेटर तापोश चटर्जी ने सभी क्यूरेटर को विकेट और मैदान के रखरखाव की जानकारी दी।
साथ ही आउटफील्ड, कवर, रोलिंग, पानी को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बीसीसीआई मानकों के अनुसार विकेट और मैदान तैयार करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया। बीसीसीआई समन्वयक अमित पांडे ने कहा कि क्यूरेटर बीसीसीआई मानकों को ध्यान में रखकर काम करें तो अगले दो से तीन वर्षों में राज्य में कई विश्वस्तरीय मैदान तैयार हो सकते हैं।