एसजीएम ने सर्वसम्मति से बिहार और उत्तर पूर्वी राज्यों को रणजी ट्राफी में खेलने की मंजूरी प्रदान कर दी, लेकिन उत्तराखंड को उसने मंजूरी देने से इंकार कर दिया। बोर्ड के एक पदाधिकारी का कहना है कि उत्तराखंड को रणजी में खेलने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?
वहां कोई एक संघ काम नहीं कर रहा है। संघों केे बीच आपस में कोई समन्वय नहीं बना है। ऐसे में उत्तराखंड को मंजूरी देना जायज नहीं होगा, लेकिन सीओए चेयरमैन विनोद राय इस फैसले से सहमत नहीं हैं।
खास बात यह है कि बोर्ड की कार्यकारिणी की ओर से लिए गए फैसले बिना सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के लागू नहीं होंगे। बोर्ड के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने भी इस बात की घोषणा की कि कार्यकारिणी के फैसले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद ही लागू होंगे। ऐसे में एसजीएम में लिए गए सभी फैसले सुुप्रीम कोर्ट के सामने रखे जाएंगे।