उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने बीआरओ की सड़कें लोक निर्माण विभाग के हवाले किए जाने संबंधी प्रदेश सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलेगा।
बीआरओ के पास पर्याप्त संसाधन
पौड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी ने कहा कि सीमा सड़क संगठन केंद्र सरकार के अधीन होता है। उसके कामकाज में प्रदेश सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। सीमा सड़क संगठन के पास संसाधनों की उपलब्धता रहती है। उसकी कार्यशैली भी सेना की तरह है।
सड़क बाधित होने पर उसे शीघ्र चालू करने के लिए बीआरओ के पास पर्याप्त संसाधन भी होते हैं। बीआरओ की सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार की संभावना नहीं रहती है। पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए बीआरओ की सड़कों को लोनिवि के हवाले करने का फैसला लिया है जो राज्य के हित में नहीं है।
मशीनों की कमी
सरकार को छह महीने में इससे होने वाले नुकसान का पता चल जाएगा। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के पास संसाधनों का अभाव है। विभाग मशीनों की कमी से जूझ रहा है। नयी सड़कों का निर्माण, बरसात में बंद सड़कों को खोलने, उनकी मरम्मत करने समेत विभिन्न कार्य विभाग निविदा के जरिये करा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोनिवि की सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में बीआरओ की सड़कों को लोनिवि के हवाले करना न तो प्रदेश के हित में है और न देश के हित में। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के बजाय लोक निर्माण विभाग को संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि संबंधित विभाग अपने अधीन आने वाली सड़कों की दशा को बेहतर बना सके।