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उत्तराखंड: अंबेडकर पर बवाल के बाद 30 भेजे गए जेल, 16 महिलाएं

Mon, 21 Dec 2015 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर (रुड़की)
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रुड़की के लक्सर में विवादित जमीन पर अंबेडकर मूर्ति रखने के बाद हुए बवाल में पुलिस ने 20 महिलाओं समेत 34 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार की गई 16 महिलाओं और 14 पुरुषों को जेल भेज दिया गया। जबकि चार महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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रविवार को लक्सर गांव में एक विवादित भूमि पर आधी रात को कुछ ग्रामीणों ने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी थी। न्यायालय में भूमि को लेकर चांदमल व नगर पंचायत के बीच विवाद चल रहा था।

पुलिस प्रशासन जब मूर्ति हटाने आया तो ग्रामीण सामने आ गए जिससे दोनों पक्षों में आने पर पथराव और लाठीचार्ज हुआ। आखिरकार पुलिस मूर्ति हटाने में सफल हो गई थी।
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20 महिलाओं समेत 34 पर मुकदमा, ये रहे नाम

मामले में लक्सर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी एसपी जोशी की तहरीर पर 20 महिलाओं सहित 34 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व पथराव करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य ने बताया कि सभी आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुरूष- सूरज, सतीश, अंकित, रोहित, चुन्नू, ओमप्रकाश, मोहित, राजेश, राम सिंह, राज्जू, राजपाल, तेल्लूराम, बब्लू, जोगेंद्र।

महिलाएं- सीता, दीपा, ओमवती, रेखा, संजी, शंकुतला, सविता पत्नी शेर सिंह, सविता पत्नी रमेश, दयावती, उषा, उर्मिला, मोनी, प्रभा, माया, परसी, सावित्री, बबली, रेखा, इंद्रा, सलेलता।
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अनुसूचित आयोग ने बताई प्रशासन की लापरवाही

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हरपाल सिंह साथी ने सोमवार को लक्सर गांव का मुआयना कर परिवारों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले में प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है।

ग्रामीणों का पिछले 30 साल से उस जगह पर कब्जा है। जिस पर यदि ग्रामीणों ने अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करके गलती कर दी थी तो प्रशासन को हैवानियत से काम नहीं लेना चाहिए था।

उन्होंने लक्सर एसडीएम व पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कहा कि ग्रामीण अनुसूचित आयोग में लिखित शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कराकर दोषी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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