दिल्ली के बाद अब दून में भी बैटरी रिक्शा वैध किए जाएंगे। इसके तहत नगर निगम देहरादून में दौड़ रहे करीब 150 बैटरी रिक्शाओं को बायलॉज के जरिए वैधता देगा।
वसूला जाएगा हर माह या सालाना टैक्स
रजिस्ट्रेशन के बाद निगम इनसे हर माह या सालाना टैक्स भी वसूलेगा। शहर में दौड़ रहे बैटरी रिक्शा अब तक न संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं, न नगर निगम में।
ऐसे में कोई भी हादसा होता है तो न यात्री को कोई मुआवजा मिल सकता है, न संचालक को। इसे लेकर पूरे देश में इन बैटरी रिक्शा को लेकर विवाद की स्थिति कायम थी।
मगर कुछ दिन पहले ही केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन्हें दिल्ली में वैध करार दिया। वहां भी यह रिक्शा नगर निगम के अधीन होंगे।
वहीं, मेयर विनोद चमोली ने बताया कार्यकारिणी बैठक में तय किया गया था कि बैटरी रिक्शा को निगम पंजीकृत करेगा। जल्द बायलॉज बनाने के बाद इनसे टैक्स वसूलेगा। टैक्स कितना होगा, इस पर फैसला बाकी है।
ऑटो से कम किराया
बेरोजगारों के लिए बैटरी रिक्शा खासे फायदेमंद साबित हो रहे हैं। करीब एक लाख बीस हजार रुपये में यह रिक्शा बाजार में उपलब्ध हैं।
क्षमता के हिसाब से कीमत घटती-बढ़ती रहती है। शहर के लिंक रोड पर चल रहे इन रिक्शा का किराया भी आम ऑटो से कम है। कुछ दिन पूर्व ही शहर में लोडर रिक्शा में लांच हो गए हैं, जो पर्यावरण के लिए भी काफी मुफीद हैं।