पलायन के दर्द और इससे उपजी समस्याओं को गरमपानी के विकास कत्यूरा ने एक अलग अंदाज में शार्ट फिल्म के जरिये उभारने की कोशिश की है।
इस फिल्म को फेसबुक पर अब तक लगभग तीन लाख लोग देख चुके हैं। ‘पहला कदम’ नाम की इस फिल्म में बेटा है जो मां-बाप को वापस गांव लेकर आता है। एक तरह से विकास इस फिल्म में पलायन की समस्या के समाधान के लिए युवा पीढ़ी की ओर देख रहे हैं।
विकास के मुताबिक पहाड़ के युवा संसाधनों का सही प्रयोग करें तो पलायन को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के युवाओं में अपनी बोली की उपेक्षा देखने को मिलती है। विकास अब तक तीन शार्ट फिल्म बना चुके हैं।
दो फिल्में पलायन के दर्द को उभारती हैं तो एक फिल्म युवाओं में बढ़ रहे नशे को दिखाती है। विकास ने अपनी दूसरी शार्ट फिल्म 2016 में बनाई। पहला कदम को उन्होंने यू-ट्यूब के साथ-साथ फेसबुक में तीन पेजों पर अपलोड किया। इस फिल्म को अब तक तीन लाख लोग देख चुके है।
विकास ने बताया 2013 में उन्होंने बीकॉम में एडमिशन लिया था। इसके बाद विकास ने मुंबई में रौशन तनेजा एक्टिंग इंस्टीट्यूट से एक्टिंग का कोर्स किया। 2014 में उन्होंने अपनी पहली शॉर्ट फिल्म ‘गुमराह एक जिंदगी’ बनाई। 2014 में विकास ने ओडिशा के एक पौराणिक सीरियल में काम किया। इसके अलावा उन्होंने ‘पहला कदम’और ‘मेरा उत्तराखंड’ का भी निर्माण किया है।
विकास ने स्कूली शिक्षा हल्द्वानी के आर्यमान विक्रम बिड़ला से की। अब डीएसबी कैंपस नैनीताल से पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर डिग्री कर रहे हैं। विकास के पिता देवीदत्त कत्यूरा व्यवसायी और मां दीपा कत्यूरा गृहणी हैं।
वह अपने दादा तारा दत्त और दादी आनंदी कत्यूरा को आदर्श मानते हैं। विकास पहाड़ की संस्कृति को बचाने और पलायन को रोकने के लिए कुछ अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक सोसाइटी का गठन करने जा रहे है।
लॉस एंजल्स में दिखाई जा सकती है यह फिल्म
विकास की फिल्म ‘मेरा उत्तराखंड’ को लॉस एंजल्स फिल्म फेस्टिवल के लिए भी नामांकित किया गया है। वहीं, आगामी उत्तराखंड फिल्म फेस्टिवल में भी फिल्म दिखाई जा सकती है। विकास अब कुमाऊंनी एलबम बनाने की सोच रहे हैं।