उत्तराखंड की बेटी दुनिया की सबसे मुश्किल चुनौति का सामना करने वाली है। इस चुनौति के बारे में जानकर आपकी हड्डियां जम जाएंगी।
पिथौरागढ़ की वंदिता धारियाल का अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे मुश्किल तैराकी की चुनौती है। जिसके अंतर्गत उन्हें पांच डिग्री सेल्सियस से भी कम तापमान वाले पानी में तैरना होगा।
वंदिता को इस हड्डियां जमाने पानी में डेढ़ किलोमीटर तैरना होगा। गौर करने वाली बात यह है कि इस तापमान पर शरीर के अंगों के निष्क्रिय होने का खतरा रहता है। वंदिता दिसंबर से जनवरी के बीच इस चुनौती को पार करेंगी।
लंदन स्कूल ऑफ कामर्स से अर्थशास्त्र में परास्नातक कर रही वंदिता ने फोन पर हुई बातचीत में अपनी इस नई चुनौती के बारे में बताया।
वंदिता ने हाल ही में 13:10 घंटे तैरकर 35 किलोमीटर लंबा इंग्लिश चैनल 17 डिग्री सेल्सियस के तापमान में पार किया है। ऐसा करने वाली वह उत्तराखंड की पहली और भारतीय मूल की 14वीं युवती हैं।
वंदिता के नाम तैराकी में तीन अंतरराष्ट्रीय, जबकि 60 राष्ट्रीय पदक हैं। वंदिता धारियाल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के छोटे से गांव सिल्कोट चौड़मुन्या के धारियाल परिवार की बेटी हैं।
वंदिता के दादा चंद्रदत्त धारियाल भी नामी शख्स है उन्हें सेल्युलोज की खोज के लिए तीन बार राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। इस समय वंदिता का परिवार गुजरात में रहता है, वहां उनके पिता योगेश धारियाल का कैमिकल का बिजनेस है।
22 वर्षीय वंदिता ने बताया कि तैराकी के लिए उसके दादा ने प्रेरित किया। उनका कहना है कि जाे काम करो मन से करो वर्ना मत करो। वंदिता ने बताया कि तैराकी में इंग्लिश चैनल को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के समान माना जाता है।
इंग्लैंड से फ्रांस तक इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने का पहला सफल प्रयास कैप्टन मैथ्यू वेब ने 1800 के दशक में किया था। उन्होंने बताया कि आज दुनिया के करीब 1755 तैराक ऐसे हैं, जिन्होंने इंग्लिश चैनल पार किया है। औसतन 10 तैराक प्रति वर्ष इसे पार करते हैं।
वंदिता भारत से 50वीं ऐसी तैराक हैं, जिन्होंने यह चैनल पार किया है। विश्व चैंपियनशिप और एशियाई अलग-अलग आयु वर्ग सहित 7 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद तैराकी के क्षेत्र में इंग्लिश चैनल पार करना वंदिता की बड़ी उपलब्धि है।
इंग्लिश चैनल पार करने के लिए करीब चार लाख रुपये का खर्च आया।