देहरादून की एक मोटर वर्कशॉप में बतौर सर्विस एडवाइजर तैनात सत्यपाल ने ईमानदारी की मिसाल कायम की है। सामने पड़े दो लाख रुपये भी सत्यपाल की नीयत नहीं डिगा पाए।
विज्ञापन
2 of 5
honesty
सर्विस होने आई गाड़ी में जब सर्विस एडवाइजर सत्यपाल बिष्ट ने दो लाख रुपये का पैकेट देखा तो उन्होंने तुरंत अपने आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जीएम ने इसकी सूचना कार के मालिक को दी और पूरा पैसा लौटा दिया गया।
विज्ञापन
3 of 5
honesty
पटेलनगर स्थित डीडी मोटर्स की वर्कशॉप में शुक्रवार को टीएचडीसी निवासी राकेश चंद्र काला अपनी गाड़ी की सर्विस कराने आए। वह गाड़ी यहां छोड़कर चले गए। सर्विस एडवाइजर सत्यपाल बिष्ट जब गाड़ी की चेकिंग कर रहे थे तो उन्हें गाड़ी में चार पैकेट नजर आए।
4 of 5
honesty
उन्होंने नजदीक से देखा तो इन पैकेटों में 500-500 के नोट थे। इतने नोट एक साथ देखकर भी सत्यपाल बिष्ट की सत्यनिष्ठा और ईमानदारी नहीं डिग पाई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना अपने जीएम एनएस नेगी को दी। जीएम ने गाड़ी के मालिक को फोन मिलाया। उनसे पूछा तो उन्हें याद नहीं था।
बाद में उन्होंने बताया कि उनके कुछ पैकेट्स गाड़ी में छूट गए हैं। गाड़ी के मालिक राकेश डीडी मोटर्स पहुंचे और उन्हें रुपयों के पैकेट वापस मिल गए। इससे खुश होकर उन्होंने डीडी मोटर्स को एक धन्यवाद पत्र दिया।