भारतीय सैन्य अकादमी के 138 वें नियमित कोर्स के सर्वश्रेष्ठ कैडेट के तौर पर राजेंद्र सिंह बिष्ट को स्वार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड के अल्मोड़ा कांडली के रहने वाले बिष्ट मानते हैं कि कैडेट में स्वार्ड हासिल करना नहीं बल्कि बेहतर सैन्य अफसर बनने का जनून होना चाहिए।
ओवर ऑल मेरिट लिस्ट के कांस्य पदक विजेता राजेंद्र ने कहा कि कोई भी कैडेट स्वॉर्ड हासिल कर सकता है और अकादमी में सभी कैडेट्स का प्रदर्शन बेहतरीन होता है। राजेंद्र का दिल सेना के लिए ही धड़कता है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से पासआउट राजेंद्र के पिता सेना में सिविल स्टाफ पर तैनात हैं और इन दिनों रानीखेत कुमाऊं रेजीमेंट में पोस्टेड हैं।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह केंद्रीय विद्यालय और सैनिक स्कूल में पढ़े हैं। स्कूल के दौरान ही राजेंद्र सेना में जाने के लिए मन बना चुका था। पिता सेना में भले अन्य रैंक में थे, लेकिन उनकी प्रेरणा वही बने। राजेंद्र ने बताया कि सेना के प्रति लगाव उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।