दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद दून की कनिका और उत्तरकाशी के अजय ने नौकरी का मोह छोड़कर समाजसेवा की जो राह पकड़ी, उससे आज कई बच्चों के जीवन में ज्ञान की रोशनी फैल रही है। गरीब और अपवंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा देने के लिए उन्होंने नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया और मलिन बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ाने लगे।
कनिका और अजय ने माजरा शक्ति विहार में काइट्स फ्री स्कूल की स्थापना की। इसमें लोगों के घरों में काम करने वाली महिलाओं, मलिन बस्तियों के लोगों और अन्य गरीब, अपवंचित वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं। वे न केवल बच्चों को मुफ्त पढ़ाते हैं, बल्कि उनके लिए पाठ्य सामग्री, कपड़ों का भी इंतजाम करते हैं।
उन्होंने बताया कि लोगों के घरों में काम करने वाली ज्यादातर महिलाओं के बच्चे पढ़ते नहीं हैं। ऐसे में उनके मन में इन बच्चों को पढ़ाने का ख्याल आया। शुरू में स्कूल में चार बच्चे पढ़ाए। धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती गई और आज 45 पहुंच चुकी है। स्कूल का खर्च निकालने के लिए वह अन्य बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं।
मूल रूप से माजरा निवासी कनिका ने सेंट ज्यूड्स स्कूल से 12वीं करने के बाद डीयू के किरोड़ीमल कॉलेज से बीए ऑनर्स इंग्लिश और हिस्ट्री किया। जबकि, उत्तरकाशी निवासी अजय ने जीआईसी उत्तरकाशी से 12वीं की। हाईस्कूल में जिले में पहला स्थान हासिल करने वाले अजय ने डीआईटी से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की। उन्हें टीएचडीसी से नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन पढ़ाने के अपने शौक के चलते उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया।