फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

300 रुपये से शुरू किया बिजनेस, आज कई महिलाओं को दे रही रोजगार

Thu, 27 Apr 2017 09:37 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
Demo Pic
विज्ञापन
कहते हैं ना राह चाहे कितनी मुश्किल हो, हार नहीं माननी चाहिए। मंजिल देर सवेर आपको मिल ही जाती है। ये उदाहरण सच साबित होता है चंपावत की दीपा खर्कवाल के बारे में। दीपा ने महज तीन सौ रुपये से शुरू किए बिजनेस को अपनी कड़ी मेहनत के बाद बड़े मुकाम तक पहुंचाया है।
विज्ञापन

 
1999 में एक हादसे ने दीपा की जिंदगी बदल दी। पति कैलाश ने बीमारी के चलते बिस्तर पकड़ लिया। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी दीपा के कंधों पर आ गई। लेकिन, किस्मत को आंख दिखाते हुए दीपा ने गारमेंट्स का बिजनेस शुरू किया। इसके बाद दीपा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
Trending Videos
विज्ञापन

टीवी चैनल को देखकर आया आईडिया

दीपा खर्कवाल
एक टीवी चैनल में कार्यक्रम के दौरान उन्हें यह आईडिया क्लिक किया। एक अखबार को दिए ‌इंटरव्यू में वह कहती हैं कि टीवी में एक महिला तकिये के कवर बनाने और बाजार में उन्हें बेचने का काम करती थी। इस कार्यक्रम को देख मेरे मन में भी गारमेंट्स का काम करने का विचार आया। लेकिन उस वक्त मेरे पास केवल 300 रुपये थे। इससे मैंने एक सिलाई मशीन खरीदी और महिलाओं के कपड़े सिलने लगी।

वह आगे बताती है कि इस दौरान उन्हें कई परेशानी आई। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और निरंतर मेहनत करती रही। आज खर्कवाल बुटीक क्षेत्र का एक खास ब्रांड बन चुका है।

उनका बिजनेस आज इस मुकाम पर है कि वह 10-12 महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। दीपा की इसी मेहनत और लगन को देखते हुए उद्योग विभाग ने नौ वर्ष पूर्व उन्हें सर्वश्रेष्ठ उद्यमी के पुरस्कार से भी नवाजा। आज वह समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और अशक्त महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें