देहरादून एक लाख रुपये की अंगूठी लौटाकर पान की दुकान करने वाले आनंद कुमार चौरसिया ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है।
अपने बड़े भाई अशोक कुमार के साथ घंटाघर में बरसों से पान की दुकान चला रहे हैं। सोमवार रात पौने दस बजे एक निजी कंपनी के दो अधिकारी उनकी दुकान में पान खाने आए। इनमें से एक अधिकारी ने हाथ में मंहगे नग की सोने की अंगूठी थी।
अचानक यह अंगूठी गिर गई। घर पहुंचकर उन्होंने देखा कि हाथ में अंगूठी नहीं है। वहीं, दुकान से घर लौटते समय आनंद कुमार ने अंगूठी गिरी देखी। आनंद ने अंगूठी उठाकर भाई अशोक को सौंप दी। रात साढ़े 11 बजे दोनों अधिकारी अंगूठी ढूंढते हुए दुकान पहुंचे।
पूरी जानकारी के बाद अशोक ने उन्हें अंगूठी सौंप दी। नेशविला रोड बकरालवाला निवासी आनंद कुमार ने बताया कि उनके परदादा के समय से यह दुकान है। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी भी भुला दी जाए तो फिर इंसान होने का मतलब ही क्या है।