विधानसभा सत्र के चलते बैरीकेडिंग और डायवर्ट रूट ने आमलोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह रही कि घायल और मरीज तक वाहन पकड़ने के लिए सड़क नापते नजर आए। वहीं कई मरीज तो ऐसे रहे जो रास्ता नहीं मिलने से विधानसभा के आसपास के अस्पतालों तक नहीं जा सके। मजबूरन इन लोगों को दूर के अस्पतालों में जाना पड़ा।
बृहस्पतिवार को उपनलकर्मियों के विधानसभा कूच को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रगति विहार के समीप हरिद्वार रोड पर बैरिकेडिंग करके दोपहर करीब 12 बजे वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी। करीब एक घंटे तक लोगों को यहां से आने-जाने नहीं दिया गया। इस क्षेत्र में पांच निजी अस्पताल हैं। ऐसे में इन अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी।
कई मरीजों को मजबूरन ही पैदल अस्पताल पहुंचना पड़ा तो कई वाहन नहीं जाने से लौट गए। पुलिस और प्रशासन ने घायलों, महिलाओं, बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भी राहत देने की कोशिश नहीं की। पुलिस प्रशासन ने इन लोगों को सीधे रास्ते से पैदल भी नहीं जाने दिया।
सीएमआई से पैर में मरहम पट्टी कर बहन के साथ घर लौट रहे शिवनगर निवासी सेतु थापा ने बताया कि विक्रम वाले ने दया पैलेस के पास उतार दिया था। अब पुलिस वाले रिस्पना पुल तक दूसरा वाहन पकड़ने के लिए सीधा पैदल भी नहीं जाने दे रहे हैं। पैर से चलने में वैसे ही दिक्कत हो रही है। अब करीब 500 मीटर का चक्कर काटना बहुत दुखदायी साबित हो रहा है।
छह घंटे परेशान रही पब्लिक
उपनलकर्मी करीब पांच घंटे हरिद्वार रोड पर धरने पर बैठे रहे। धरने से करीब एक घंटे पहले हरिद्वार रोड से आवाजाही रोक दी गई थी। धर्मपुर, नेहरू कालोनी से रिस्पना की तरफ और वहां से धर्मपुर की तरफ आने वाले वाहनों को पुलिस ने प्रगति विहार और रिस्पना नगर वाले रास्तों पर डायवर्ट किया।
पैदल यात्रियों को भी इन रास्तों से जाने की सलाह दी गई। कुछ ही देर में इन रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई। लोग वाहनों के साथ गलियों में फंसे नजर आए। यही हाल, हरिद्वार-आईएसबीटी रोड वाले बैरियर, शास्त्रीनगर बैरियर और आसपास की गलियों का भी रहा। हरिद्वार-आईएसबीटी रोड पर रेलवे फाटक लगने के वक्त स्थिति ज्यादा चरमराती नजर आई।