टीम ने छानबीन में घटना में प्रयोग हुए मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, ई-वालेट, बैंक खातों व सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जिसमें बता चला कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता की बिना अनुमति के धोखाधड़ी करते हुए खाता धारक के बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी में हेराफेरी की गई। इसके बाद नेट व मोबाइल बैंकिग के माध्यम से शिकायतकर्ता के पैसों से ऑनलाइन सोना खरीदा गया, फिर उसे बेचकर रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामले में दिल्ली के करोल बाग से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक बैंक प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया है।
बैंक प्रबंधक से पूछताछ में पता चला कि वह सेंट्रल बैंक के एएफओ मोहम्मद आजम व सहायक प्रबधंक कविश डंग के साथ मिलकर लंबे समय से इनएक्टिव खातों की जानकारी कर उसके एसएमएस अलर्ट का नंबर बदलकर खातों से रुपयों उड़ा देते थे। पुलिस ने अन्य दोनों आरोपियों मोहम्मद आजम व कविश को सेलाकुई व विकासनगर देहरादून से गिफ्तार किया है।