बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेड्रेशन के सचिव अंकुश झाम्ब ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय बैंक संघ अधिकारियों में विभाजन करके केवल स्केल एक से तीन तक के ही अधिकारियों का वेतन पुनरिक्षीकरण चाहती है।
उन्होंने बताया कि उनकी मांग है कि पूर्व की भांति स्केल एक से लेकर सात तक के अधिकारियों का वेतन समझौता किया जाए। लेकिन उनकी मांग न माने जाने पर 21 दिसंबर को हड़ताल करने का निर्णय लेना पड़ा है।
पीएनबी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष केपी सिंह ने बताया कि उनके समझौते के अनुसार प्रत्येक पांच साल में वेतन वृद्घि होती है और इस बार उन्होंने 8 प्रतिशत वेतन वृद्घि की मांग की थी, लेकिन उसे भी नहीं माना जा रहा है। नियमानुसार पिछले साल 2017 में उनकी वेतन वृृद्घि होनी थी।
उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर को यूनियन से जुड़े समस्त सरकारी बैंकों को बंद रखकर सरकार को चेताने के लिए हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनकी हड़ताल में अन्य कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है। इस मौके पर आंध्रा बैंक यूनियन के संयुक्त सचिव शोभित शर्मा, अनुज सैनी, धीरज, ज्योति यादव आदि शामिल हुए।