अगर बात नहीं बनी तो राष्ट्रीय बैंकों के ग्राहकों को छह दिन का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
दरअसल लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मियों ने 21 से 24 जनवरी तक हड़ताल की घोषणा की है। वहीं 25 को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस होने के कारण छुट्टी होगी। वैसे हड़ताल को लेकर स्थिति आज पूरी तरह स्पष्ट होगी।
बैंक यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक सोमवार को बैंक प्रबंधन से वर्कमैन यूनियन की बातचीत है। इसके साथ ही बैंकों की अलग-अलग यूनियन भी तय करेंगी कि सेवा स्थितियों पर प्रबंधन का रुख कितना सकारात्मक है।
बैंक यूनियनों ने 16 मार्च से बेमियादी हड़ताल की वेतन वृद्धि के मसले पर इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन, आईबीएद्ध और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफ बीयू) के बीच बातचीत में कोई हल नहीं निकल सका।