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उत्तराखंड में दो दिन के लिए बैंकों का शटर डाउन, जनता परेशान

Wed, 30 May 2018 01:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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bank strike in uttarakhand - फोटो : amar ujala
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वित्त मंत्रालय, आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच वेतन मुद्दे पर हुई समझौता वार्ता विफल होने के बाद देहरादून सहित राज्य के अन्य जिलों में बैंक बंद पड़े हैं। 

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बुधवार को बैंक बंद कर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं बैंक बंद होने से जनता को परेशान होना पड़ रहा है। बता दें कि देश के 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी बुधवार से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। समझौता वार्ता टूटने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार को भी देहरादून में एसबीआई की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया था।

बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वेतन बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय व आईबीए अड़ियल रवैए अपनाए हुए है। मामले को सुलझाने का बाबत वित्त मंत्रालय, आईबीए व बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों की यूनियन के बीच 15 दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सकारात्मक हल नहीं निकला। इस बीच सरकार ने बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में महज दो फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया है। जिसे देश भर की तमाम बैंक यूनियनें मानने को तैयार नहीं है।
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बैंक यूनियनों के अनुसार सरकार ने पांच साल बाद वेतन बढ़ोतरी की है। इसके बावजूद महज दो फीसदी वेतन बढ़ोतरी झुनझुना थमाने जैसा है। पिछले वेतन समझौता वार्ता में 15 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही गई थी जो कि नवंबर से लंबित है। बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का कहना है जब देश में मुद्रा लोन योजना जैसी बैंकिंग योजनाओं को लागू कराने की बात आती है तो केंद्र सेवाएं लेने में कतई नहीं चूकती। जबकि अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के बाबत सरकार चुप्पी साध लेती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ  बैंक यूनियंस के संयोजक जगमोहन मेंहदीरत्ता ने कहा कि बुधवार से देशभर के दस लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। जहां तक उत्तराखंड का सवाल है तो राज्य में 1586 शाखाओं में काम ठप रहेगा। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है।

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