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बंगाल की बालाओं ने एवलांच व क्रेवास को पार कर हिमशिखर पर फहराया तिरंगा 

Fri, 19 Oct 2018 09:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
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कई कठिनाइयों का सामना करने के बाद मिली सफलता - फोटो : अमर उजाला
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कोलकाता की चार लड़कियों ने गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में जोगिन-1(6465 मीटर) हिमशिखर पर तिरंगा फहराया। अभियान के दौरान इन बालाओं को एवलांच और कच्ची बर्फ से ढके क्रेवास (हिमशिखरों में पड़ी गहरी दरारों) को पार करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कोलकाता की नौ लड़कियों का दल नवरात्र के दौरान बीते पांच अक्तूबर को गंगोत्री हिमालय के जोगिन-1 हिमशिखर पर आरोहण के लिए गंगोत्री से रवाना किया गया था। सुप्रिया डे के नेतृत्व में रवाना हुए दल में कोलकाता पुलिस की बंदना हलदार, बंगाल पुलिस की लक्ष्मी घोष, बीएसएफ की लिपिका भद्रा एवं शिक्षिका सथी सासमाल के साथ ही चार छात्राएं तमन्ना चक्रवर्ती, सुपर्णा मन्ना, जया दास और मोमिता घोष शामिल थीं। भुजखर्क होते हुए दल ने सात अक्तूबर को केदारताल में बेस कैंप स्थापित किया। इससे आगे एडवांस बेस कैंप, कैंप-1 और समिट कैंप स्थापित कर ये लड़कियां शिखर के निकट पहुंची। 

बीते 15 अक्तूबर को दल में शामिल लीडर सुप्रिया डे, डिप्टी लीडर बंदना हलदार, लक्ष्मी घोष और लिपिका भद्रा ने शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया, जबकि शिखर से चंद कदमों की दूरी पर तबियत बिगड़ने के कारण पर्वतारोही साथी सासमाल को एडवाइजर देवदास नंदी के साथ लौटना पड़ा। लीडर सुप्रिया एवं डिप्टी लीडर बंदना ने बताया कि अभियान के दौरान रोजाना हुई बर्फबारी के कारण खासी दिक्कतें आयीं। शिखर के निकट कच्ची बर्फ से ढके क्रेवासों को पार करने में खासा जोखिम उठाना पड़ा। इस दौरान एवलांच आने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और शिखर पर सफल आरोहण किया। अभियान दल को तकनीकी एवं संसाधन मुहैया कराने वाली हिमालयन एक्सप्लोरर ट्रैक एंड टूर एजेंसी के संचालक बिहारी लाल ने कहा कि इस विषम मौसम में कई पर्वतारोही दलों को अपना अभियान छोड़कर लौटना पड़ा। 
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पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश 
जोगिन-1 हिमशिखर पर सफल आरोहण करने के बाद लौटते हुए इन पर्वतारोही बालाओं ने मार्ग में सफाई अभियान चलाकर दो बोरी कचरा एकत्र किया। इस कचरे को उन्होंने गंगोत्री धाम पहुंचकर वन विभाग के सुपुर्द किया। उन्होंने सभी पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्स को उच्च हिमालयी क्षेत्र में कचरा नहीं फैलाने व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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