नहीं माने मौखिक आदेश
करीब एक महीने पहले हुई बैठक में शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया रोकने के मौखिक निर्देश दिए थे। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भी ऐसा निर्देश दे चुके हैं। इन निर्देशों पर टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा सहित कुछ जिलों में भर्ती रोक दी गई। हालांकि, देहरादून और हरिद्वार सहित कुछ अन्य जिलों में इसकी प्रक्रिया अब भी चल रही है। इन जिलों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं मिला था।
अधिकारियों का तर्क
अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम 2006 एवं विनियम 2009 में दी गई व्यवस्था के अनुसार होती है। शासन के लिखित आदेश के बिना इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हरिद्वार जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता के मुताबिक उन्हें इस संबंध में अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। जिले में जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
लिखित आदेश सोमवार को होगा जारी
अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पहले भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। यदि इसके बाद भी किसी जिले में शिक्षक भर्ती हो रही है तो संबंधित जिले के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही सोमवार को इसका लिखित आदेश जारी कर दिया जाएगा। -बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक
बोले शिक्षक नेता
शिक्षकों की भर्ती पर अघोषित रोक लगी है। कुछ स्कूलों में भर्ती हो रही है, जबकि कुछ में पद खाली होने के बाद भी इसे रोक दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के पास भर्ती पर रोक का कोई लिखित आदेश नहीं है। -अनिल नौटियाल, जिला मंत्री उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ
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शिक्षा महानिदेशक के भर्ती पर रोक के मौखिक आदेश से प्रदेश भर में शिक्षक भर्ती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। कुछ जिलों के सीईओ बता रहे हैं कि भर्ती के लिए आयोग का गठन होते तक इसे रोका गया है। जबकि आयोग के गठन की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। -अनिल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ