ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट, बलवीर राम, रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, ईको समिति वाण के अध्यक्ष त्रिलोक बिष्ट ने नाइट स्टे पर रोक हटने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक हटने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों नौजवानों, गाइड, पोर्टर और टूर ऑपरेटरों को रोजगार मिलेगा। नाइट स्टे शुरू होने से ट्रैकिंग गतिविधियों में तेजी आएगी, होटलों, लॉज और होम स्टे का व्यवसाय फिर शुरू होगा। वहीं दुकानदारों, टैक्सी ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा।
21 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट नैनीताल ने बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के 20 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के बाद बुग्यालों में लगी रोक हट गई है। संबंधित वनक्षेत्राधिकारियों को अपने रेंज के अंतर्गत उच्च न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- सर्वेश कुमार दुबे, प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग चमोली।