रेलवे सीनियर ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार बलूनी की खुदकुशी के मामले में आखिरकार 48 घंटे बाद चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
रेलवे विजिलेंस के इंस्पेक्टर समेत एक ठेकेदार, एक दलाल और एक अन्य पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले परिजनों ने नेहरू कालोनी थाने में हंगामा किया। सुसाइड नोट में आरोपियों के नामों का जिक्र होने के बावजूद पुलिस के मुकदमा दर्ज न करने पर सवाल खड़े किए गए।
पंडितवाड़ी निवासी सीनियर ट्रैफिक इंस्पेक्टर (पार्सल सेक्शन) सुनील कुमार बलूनी (38) को 20 नवंबर को दिल्ली से आई रेलवे की विजिलेंस टीम ने रिश्वत के आरोप में पकड़ा था। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
मंगलवार दोपहर बलूनी ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड नोट में उन्होंने स्टेशन से सेल्स टैक्स चोरी का माल निकालने वाले दलालों पर रिश्वत मामले में झूठा फंसाने और विजिलेंस टीम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।