देश के सैकड़ों दुर्गम गांवों में इंटरनेट और मोबाइल की घंटी बजना अब सपना नहीं रह जाएगा। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत पहली बार इन गांवों में बैलून तकनीक के जरिये संचार सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
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केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मदद से उत्तराखंड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी डेवलेपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) बैलून तकनीक का सहारा लेने जा रही है। दावा है कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जो इस तकनीक से इंटरनेट और मोबाइल फोन की सुविधा प्रदान करेगा।
प्रदेश में 16,870 गांव हैं। इसमें 680 गांव ऐसे हैं, जहां मोबाइल-इंटरनेट की पहुंच अभी तक नहीं है। इसमें से अधिकतर गांव और दुर्गम क्षेत्र में हैं, जहां दूर संचार लाइन बिछाना, टावर लगाने से लेकर दूसरे काम करना बेहद मुश्किल हैं।
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जिस भी क्षेत्र में संचार की सुविधा देनी है, वहां पर बैलून उड़ाया जाएगा
अब सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऐसे संचार विहीन गांवों में संचार सेवा पहुंचाने के लिए आगे आया है। इस योजना के तहत जिस भी क्षेत्र में संचार की सुविधा देनी है, वहां पर बैलून उड़ाया जाएगा।
50 मीटर अधिकतम ऊंचाई तक जाने वाले बैलून पर सिग्नल देने के लिए एक एंटीना लगा होगा। बाकी एंटीना तार के माध्यम से जमीन पर लगे बेस स्टेशन (कंट्रोल पैनल समेत सभी उपकरण) से जुड़ा होगा।
इसके बाद सिग्नल ऑन होते ही बैलून के माध्यम से 20 से 45 किमी की परिधि में आने वाले क्षेत्र में मोबाइल फोन और इंटरनेट की सुविधा शुरू हो जाएगी। बस उपभोक्ता को अपने मोबाइल का डेटा पैक ऑन करना होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में दो साइट पर इसके ट्रायल की तैयारी है।
प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों का कहना है कि बैलून के रखरखाव के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। 24 से 48 घंटे में बैलून में हीलियम गैस भरने की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को प्रशिक्षित कर इस काम में लगाया जा सकता है। इसके अलावा तकनीकी मदद के लिए संबंधित विभाग भी तैयार रहेगा।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों (डार्क जोन) में संचार की कोई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आपदा के समय मदद पहुंचाना है। कई बार आपदा के समय संचार सेवा नष्ट हो जाती है। ऐसे मुश्किल वक्त में बैलून उड़ाकर सेना, बचाव दल, पुलिस से लेकर फंसे लोगों को कम समय में बेहतर संचार सेवा से जोड़ा सकेगा। इसके लिए भारी भरकम तकनीकी संसाधन और लंबे समय का इंतजार नहीं करना होगा।
मुख्य बिंदु
16,870 है प्रदेश में गांवों की संख्या
680 गांवों में संचार की कोई सुविधा नहीं
45 किमी परिधि में फोन, इंटरनेट चल सकेंगे इस तकनीक से
डिजिटल इंडिया के तहत उत्तराखंड में बैलून प्रोजेक्ट के तहत सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के गांवों में इंटरनेट की सुविधा देने के लिए चयनित किया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां बैलून तकनीक का ट्रायल किया जाएगा।
- अमित सिन्हा, आईटीडीए निदेशक व डीआईजी