फर्जी पासपोर्ट मामले में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण और खुर्जा संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य की सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई।
विशेष न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत में बृहस्पतिवार को सीबीआई ने बरेली से आए एक पासपोर्ट अधिकारी ने कार्यालय से सीबीआई को भेजे गए दस्तावेजों और पत्रों की पहचान की।
अधिकारी ने सीबीआई इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह को भेजे गए पत्र पर किए गए दस्तखतों की शिनाख्त करते हुए बताया कि यह पत्र पूर्व अधिकारी प्रभाकर रस्तोगी ने जारी किया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख दी है।
गवाही सुनते रहे बालकृष्ण
कोर्ट में बालकृष्ण दोपहर ढाई बजे पहुंचे। इस दौरान पासपोर्ट अधिकारी की गवाही चल रही थी। करीब 45 मिनट तक बालकृष्ण पूरे ध्यान से अधिकारी की गवाही सुनते रहे। कोर्ट से तारीख मिलते ही वह निकल गए। इससे पूर्व बालकृष्ण के समर्थक पूर्वी बनर्जी, गायत्री भाटिया, अशोक और दीपा शर्मा सुबह 11 बजे ही कोर्ट पहुंच गए थे।
हम भाजपा के साथ हैं: बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ योगगुरु बाबा रामदेव और उन्होंने जो अभियान चलाया है, उसके खिलाफ ही फंसाने की साजिश रची जा रही है। कहा कि पतंजलि योगपीठ पर जिस तरह दर्जनों मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, उसका उन्हें और रामदेव को पहले से आभास था।
हालांकि, उन्होंने इससे कोई फर्क न पड़ने की बात कही। इस दौरान बालकृष्ण ने कहा कि एक्जिट पोल में भाजपा की जो बढ़त दिखाई गई है, पार्टी उससे कई गुना अधिक सीटें जीतने वाली है। उन्होंने कहा कि वह खुले मंच से कह चुके हैं कि वह और योगगुरु भाजपा के साथ हैं।