आए दिन नोटिस, मुकदमेबाजी, सरकार और प्रशासन की अड़ंगेबाजी झेल रही बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ में अरसे बाद खुशियां लौटी हैं।
चार राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के चलते मिठाइयां बांटने और दावतें उड़ाने का दौर दूसरे दिन भी चलता रहा। पतंजलि योगपीठ में चुनाव परिणामों को बाबा के प्रचार का असर बताया जा रहा है।
खुशी मनाने का सिलसिला
रविवार को जैसे ही चुनाव परिणाम आने शुरू हुए, पतंजलि योगपीठ फेस-1 और फेस-2 में खुशी मनाने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था।
यह निर्णय लिया गया था कि पतंजलि से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों में मिठाइयां बटेंगी और जलपान होगा। संयोग से रविवार के अवकाश के चलते सभी फैक्ट्रियां बंद थीं।
परिणामस्वरूप सोमवार को मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई गईं। अधिकारियों के दफ्तरों में दावतें दी गईं।
माना जा रहा था कि स्वामी रामदेव एक दिन के लिए हरिद्वार वापिस लौटेंगे। आज उनके आगमन की संभावना थी। बाबा रामदेव अक्टूबर मास में यह कहते हुए पतंजलि योगपीठ छोड़कर गए थे कि अब वे तभी वापस लौटेंगे, जब दिल्ली की गद्दी पर प्रधानमंत्री के रूप में मोदी आसीन हो जाएंगे।
खुशियां मनाने का हक
संभावनाओं के बावजूद बाबा अभी नहीं लौटे। इस संबंध में आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि परिवार को खुशियां मनाने का हक है। बाबा अभी नहीं आ रहे हैं। चार राज्यों की जनता ने कांग्रेस को उसके कर्मों का फल दे दिया है।
अभी देखते जाइए, कितने दुर्दिन कांग्रेस को देखने पड़ेंगे। भाजपा की चार राज्यों में हुई जीत के पीछे बाबा रामदेव का पूरा हाथ है। बाबा के देशव्यापी प्रचार का असर जनता पर पड़ा है।
आने वाले लोकसभा चुनाव में भ्रष्ट कांग्रेस पार्टी पूरी तरह रसातल में मिल जाएगी। केजरीवाल की बाबत पूछे जाने पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि उनकी लड़ाई भी भ्रष्टाचार के खिलाफ है, अत: जनता साथ दे रही है।