गद्दा फैक्ट्री में लगी आग में नाबालिग की दम घुटने से हुई मौत के मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था को नए सिरे से जांच कराने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि बाल कल्याण समिति की ओर से कराई गई जांच में कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। दूसरी ओर हादसे का शिकार हुए नाबालिग के पिता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पिता का आरोप है कि पुलिस इस प्रकरण में आरोपियोें को बचाने का काम कर रही है।
पटेलनगर कोतवाली के चंद्रबनी इलाके में स्थित गद्दा फैक्ट्री में तीन जून को आग लग जाने से फैैक्ट्री में काम करने वाले नाबालिग राहुल पुत्र पप्पू कुमार निवासी कैलाशपुर पित्थूवाला की दम घुटने से मौत हो गई थी। इस घटना की पुलिस जांच कर रही है, लेकिन अब इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के आदेश जारी किया गया है।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था को घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने का आदेश दिया है। पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि बाल कल्याण समिति की ओर से कराई गई जांच में कई पहलू सामने आए हैं। समिति ने प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है। समिति की ओर से गई जांच में यह बात सामने आई है कि वर्तमान में जांच कर रही पुलिस पीड़ित को यह तर्क देकर लौटा रही है कि प्रकरण में कुछ होने वाला नहीं है।
आयोग अध्यक्ष का कहना है कि हादसे के बाद फैक्ट्री को दोबारा संचालित कर दिया गया है जबकि आवासीय क्षेत्र होने की वजह से इसका संचालन नहीं किया जा सकता है। तमाम पहलुओं की जांच कर इसकी रिपोर्ट एक माह के भीतर आयोग को भी भेजी जाए ताकि पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाया जा सके।