सरकार स्लॉटर हाउस में इंतजाम करे तो हमें कुर्बानी से कोई गुरेज नहीं है। देहरादून के उलेमा ने हाईकोर्ट के उस फैसले का सम्मान किया है, जिसमें कहा गया है कि बकरों की कुर्बानी केवल स्लॉटर हाउस में की जाए। उलेमा का कहना है कि इस्लामिक तौर पर स्लॉटर हाउस में कुर्बानी में कोई परेशानी नहीं है।
शहर मुफ्ती सलीम अहमद का कहना है कि मकसद बकरे की कुर्बानी है। अब यह घर से बाहर अगर स्लॉटर हाउस में की जा रही है तो इसमें कोई परेशानी वाली बात नहीं है। सरकार को स्लॉटर हाउस में पुख्ता इंतजाम कराने की जरूरत है। क्षमता बढ़ाने की जरूरत है ताकि जो भी लोग कुर्बानी करने जाएं, वहां आसानी हो। शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि स्लॉटर हाउस अच्छा विकल्प हो सकता है, बशर्ते वहां इंतजामात होें। मौलाना शिराकत का कहना है कि हाईकोर्ट का फैसले सराहनीय है और हम सम्मान करते हैं। जीएमएस रोड स्थित मदरसा के मौलाना हुसैन अहमद का कहना है कि राजधानी के स्लॉटर हाउस की क्षमता बढ़ानी जरूरी है क्योंकि ईद के पहले ही दिन भारी तादाद में बकरों की कुर्बानी होती है।
स्लॉटर हाउस में प्रतिदिन 300 बकरों की है क्षमता
राजधानी में भंडारीबाग के निकट नगर निगम का स्लॉटर हाउस है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह का कहना है कि यहां रोजाना करीब 300 बकरे कुर्बान किए सकते हैं। हालांकि बकरीद पर संख्या ज्यादा होने की स्थिति में थोड़ा वक्त लग सकता है।
नगर निगम चलाएगा विशेष सफाई अभियान
ईद-उल-जुहा पर शहर में होने वाली कुर्बानी के मद्देनजर नगर निगम ने तैयारी पूरी कर ली है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि निगम की ओर से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जहां भी गंदगी होगी, उसे तत्काल हटाया जाएगा। सफाई के बाबत संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।