- शराब के नशे में सिपाही को कुचलने का आरोप, कोर्ट ने कहा- अपराध गंभीर, जमानत का आधार नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने मंगलवार को विकासनगर के डाकपत्थर के नई कालोनी, गोगा मेढ़ी, निवासी गौरव चौधरी की तीसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी। उस पर ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को गाड़ी से कुचलने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना सात अप्रैल 2026 की रात की है। विकासनगर कोतवाली पुलिस के सिपाही ड्यूटी के दौरान एक कार को रुकने का इशारा कर रहे थे। आरोप है कि कार चला रहे गौरव ने सिपाही लोकेंद्र पंवार और राजेंद्र बड़थ्वाल को जान से मारने की नीयत से गाड़ी चढ़ा दी। लोकेंद्र गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि राजेंद्र खुद को बचाने में सफल रहे। आरोपी मौके से फरार हो गया और जाते समय धमकी भी दी। बाद में वाहन बसंत विहार थाने से बरामद हुआ। गौरव के खिलाफ कोतवाली में हत्या के प्रयास के बराबर गंभीर चोट पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी पर हमला कर ड्यूटी में बाधा डालने और लापरवाही व तेजी से वाहन चलाने की प्राथमिकी दर्ज है।
बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि घटना के समय में गवाहों के बयानों में अंतर है और शिकायतकर्ता उपनिरीक्षक खुद पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एफआईआर चार घंटे देरी से दर्ज हुई, जबकि घटनास्थल कोतवाली से सिर्फ दो किलोमीटर दूर है। आरोपी पहले की दो जमानत अर्जियां खारिज होने के बाद करीब छह माह से जेल में हैं। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ही वाहन चला रहा था और उसने शराब के नशे में जानबूझकर पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाई। अपराध की गंभीरता और आरोपी की मुख्य भूमिका को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं बनता।