आखिरकार हरीश रावत प्रदेश के आठवें मुख्यमंत्री बन ही गए। दिन भर चले हाई वोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हरीश रावत के नाम पर सहमति बनने के साथ हुआ।
11 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ
शनिवार शाम को रावत ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही बहुगुणा सरकार में मंत्री रहे 11 विधायकों ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
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शनिवार को बीजापुर में कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ हुई विधानमंडल दल की बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दल का नेता नामित करने के लिए अधिकृत कर दिया। दस जनपथ से हरीश का नाम आते ही राजभवन को सूचना दे दी गई।
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पहले तीन बजे तक का कार्यक्रम तय था लेकिन दल का नेता चुने जाने में हुए विलंब के कारण फिर साढ़े छह बजे का समय निर्धारित हुआ। राजभवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने शाम 6 बजकर 40 मिनट पर राज्य के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
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कार्यक्रम लगभग सात बजे समाप्त हुआ और इसका संचालन मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने किया। संभावना है कि मंत्रियों का पोर्टफोलियो कल जारी होगा।
कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ
इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह, अमृता रावत, दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी (निर्दलीय), प्रीतम सिंह पंवार (यूकेडी), हरीश चंद्र दुर्गापाल (निर्दलीय) और सुरेंद्र राकेश (बसपा)।
धनै हुए नाराज, पीडीएफ छोड़ा
कांग्रेस को समर्थन देने के एवज में कैबिनेट मंत्री न बनाए जाने से नाराज पीडीएफ सदस्य और टिहरी विधायक दिनेश धनै ने पीडीएफ से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा, लेकिन वह जीएमवीएन की कुर्सी भी छोड़ देंगे।